भारतीय डाक द्वारा पहली बार ड्रोन का उपयोग करते हुए मेल भेजा गया

राष्ट्रीय

एक पायलट प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में, डाक विभाग के भारतीय डाक ने गुजरात के कच्छ जिले में पहली बार ड्रोन का उपयोग करके मेल वितरित किया। यह एक मेडिकल पार्सल था जिसे 46 किलोमीटर की दूरी तय करने में 25 मिनट का समय लगा।

केंद्रीय संचार मंत्रालय के मार्गदर्शन में डाक विभाग की ओर से कच्छ जिले के हाबे गांव से नेर गांव में ड्रोन से डाक भेजी गई। इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता से अब भविष्य में ड्रोन के द्वारा डाक की डिलीवरी करना संभव होगा।

पायलट प्रोजेक्ट ने विशेष रूप से ड्रोन द्वारा डिलीवरी की लागत और दो केंद्रों के बीच भौगोलिक स्थिति के साथ-साथ संभावित रोड्ब्लाक सहित डिलीवरी प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों के बीच संभावित समन्वय का अध्ययन किया।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'भारत ड्रोन महोत्सव 2022' का उद्घाटन किया। यह देश का सबसे बड़ा ड्रोन फेस्टिवल है। कृषि, खेल, रक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ेगा।

 

   परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु:

  • केंद्रीय संचार मंत्रालय के मार्गदर्शन में, भारतीय डाक ने गुजरात के कच्छ जिले में पहली बार ड्रोन का उपयोग करके डाक वितरित की।
  • यह एक मेडिकल पार्सल था, जिसे 46 किलोमीटर की दूरी तय करने में 25 मिनट का समय लगा।
  • इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता से अब भविष्य में ड्रोन से डाक से डिलीवरी करना संभव होगा।
  • पायलट प्रोजेक्ट ने विशेष रूप से ड्रोन द्वारा डिलीवरी की लागत और दो केंद्रों के बीच भौगोलिक स्थिति के साथ-साथ संभावित रोड्ब्लाक सहित डिलीवरी प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों के बीच संभावित समन्वय का अध्ययन किया।
  • हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे बड़े ड्रोन फेस्टिवल 'भारत ड्रोन महोत्सव 2022' का उद्घाटन किया।

   जानने के लिए तथ्य:

  • केंद्रीय संचार मंत्रालय: श्री अश्विनी वैष्णव।
  • भारतीय डाक संचार मंत्रालय के डाक विभाग के अधीन कार्य करता है।
  • भारतीय डाक की स्थापना 1854 में हुई थी।

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