जम्मू-कश्मीर में आयोजित होने वाला पहला पक्षी महोत्सव

राष्ट्रीय

आजादी का अमृत महोत्सव समारोह के हिस्से के रूप में, जम्मू और कश्मीर प्रशासन केंद्र शासित प्रदेश में स्थायी पारिस्थितिकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपनी तरह का पहला 'बर्ड फेस्टिवल' आयोजित करने का इरादा रखता है। यह त्योहार स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के प्रकृति-आधारित वैकल्पिक स्रोतों को भी प्रोत्साहन देता है।

यह महोत्सव संयुक्त रूप से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन विभाग, वन और वन्यजीव विभागों द्वारा अभयारण्य प्रकृति फाउंडेशन, पक्षियों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए काम करने वाले मुंबई स्थित संगठन के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।

त्योहार को पहलगाम और दाचीगाम क्षेत्रों में आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है और त्योहार के दौरान बर्ड वॉचिंग सत्र, जागरूकता शिविर और संरक्षण अभियान के अलावा, पूरे जम्मू-कश्मीर में एक महीने से अधिक समय तक प्री-फेस्टिवल बर्ड वाचिंग ट्रेल्स होंगे।

केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश में वनस्पतियों और जीवों के संरक्षण के लिए समन्वित तरीके से काम करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में इको क्लब शुरू करने की भी सलाह दी।

वर्ष 2021 में, लद्दाख में वन्यजीव संरक्षण विभाग, लद्दाख द्वारा सुरक्षित हिमालय परियोजना के सहयोग से एविफौना की रक्षा के उद्देश्य से पहली बार 'बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया गया था, क्योंकि यह केंद्र शासित प्रदेश की संस्कृति का एक हिस्सा है।

 

   परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु:

  • जम्मू और कश्मीर प्रशासन आजादी का अमृत महोत्सव समारोह के हिस्से के रूप में अपनी तरह का पहला 'बर्ड फेस्टिवल' आयोजित करने का इरादा रखता है।
  • त्योहार को केंद्र शासित प्रदेश में स्थायी पारिस्थितिकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया जाना है।
  • यह त्योहार स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के प्रकृति-आधारित वैकल्पिक स्रोतों को भी प्रोत्साहन देता है।
  • उत्सव का आयोजन जम्मू-कश्मीर के पर्यटन विभाग, वन और वन्यजीव विभागों द्वारा किया जाएगा।
  • वर्ष 2021 में, लद्दाख में वन्यजीव संरक्षण विभाग, लद्दाख द्वारा अविफौना की रक्षा के लिए पहली बार पक्षी महोत्सव का आयोजन किया गया था, क्योंकि यह केंद्र शासित प्रदेश की संस्कृति का एक हिस्सा है।

   जानने के लिए तथ्य:

  • जम्मू-कश्मीर के निर्वाचन क्षेत्रों की कुल संख्या: 90।
  • जम्मू-कश्मीर के परिसीमन आयोग के अध्यक्ष: न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई - उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश।
  • जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल: श्री मनोज सिन्हा।

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