संतोष ट्रॉफी 2022: केरल ने पश्चिम बंगाल को हराकर पेनल्टी शूटआउट में खिताब जीता

पुरस्कार और खेल

फाइनल मैच में पश्चिम बंगाल को हराकर केरल ने पेनल्टी शूटआउट में 5-4 के स्कोर से सातवीं बार संतोष ट्रॉफी 2022 का खिताब अपने नाम किया। केरल ने अपनी घरेलू धरती पर तीसरी बार ट्रॉफी जीती। इससे पहले, उन्होंने 1973-74 और 1992-93 में कोच्चि में दो संस्करण जीते थे।

संतोष ट्रॉफी 2022 का 75 वां संस्करण केरल के मलप्पुरम के मंजेरी स्टेडियम में आयोजित किया गया था।

एक रोमांचक मुकाबले में अतिरिक्त समय के बाद टीमें 1-1 के बराबरी पर थीं, जिसमें दोनों टीमों द्बवारा बहुत सारे मौके बनाए गए थे लेकिन वो फिनिश नहीं कर पाए।

संतोष ट्रॉफी भारत में खेल की राज्य निकाय, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के तहत राज्य संघों और सरकारी संस्थानों द्वारा लड़ी गई एक नॉक-आउट सेमी-प्रोफेशनल फुटबॉल प्रतियोगिता है। हीरो मोटोकॉर्प के साथ प्रायोजन संबंधों के कारण इसे आधिकारिक तौर पर 'हीरो सीनियर मेन्स नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप' के रूप में जाना जाता है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 1941 में इंडियन फुटबॉल एसोसिएशन (IFA) द्वारा की गई थी।

 

   परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु:

  • केरल ने मलप्पुरम, केरल के मंजेरी स्टेडियम में सातवीं बार संतोष ट्रॉफी 2022 - एक फुटबॉल टूर्नामेंट के 75 वें संस्करण का खिताब जीता।
  • केरल ने फाइनल मैच में पेनल्टी शूटआउट में 5-4 के स्कोर से पश्चिम बंगाल को हराकर चैंपियनशिप जीती।
  • घरेलू सरजमीं पर टीम की यह तीसरी जीत है। उन्होंने इससे पहले 1973-74 और 1992-93 में मैच जीते थे।
  • एक स्पंदित मुठभेड़ में अतिरिक्त समय के बाद टीमें 1-1 के स्तर पर थीं, जिसमें दोनों छोरों पर बहुत सारे मौके बनाए गए थे और फिनिशिंग भटक गई थी।

 

   जानने के लिए तथ्य:

  • संतोष ट्रॉफी की शुरुआत पहली बार 1941 में हुई थी।
  • हीरो मोटोकॉर्प के साथ प्रायोजन संबंधों के कारण इसे आधिकारिक तौर पर हीरो सीनियर मेन्स नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप के रूप में जाना जाता है।
  • इस टूर्नामेंट में सबसे सफल टीम: पश्चिम बंगाल - ने 32 खिताब जीते।
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