पहला स्वदेशी कृत्रिम घुटना

रक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी

  • भारत का पहला स्वदेशी पॉलीसेंट्रिक प्रोस्थेटिक घुटने जिसे 'कदम' कहा जाता है, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास द्वारा लॉन्च किया गया था।
  • हिंदी शब्द 'कदम' का अर्थ है 'स्टेप' आईआईटी-एम में टीटीके सेंटर फॉर रिहैबिलिटेशन रिसर्च एंड डिवाइस डेवलपमेंट द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया था।
  • यह एक प्रकार का एबव-नी प्रोस्थेसिस है, जिसे घुटने से ऊपर के हजारों विकलांग लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है ताकि वे आराम से चल सकें।
  • इसका उद्देश्य उपयोगकर्ता की सामुदायिक भागीदारी, शिक्षा और आजीविका के अवसरों तक पहुंच और समग्र कल्याण को बढ़ाना भी है।
  • कृत्रिम घुटने में अधिकतम 160 डिग्री का घुटना लचीला होता है, जिससे बसों और ऑटो जैसी तंग जगहों पर बैठना आसान हो जाता है।
Polycentric Prosthetic Knee

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