मनरेगा मजदूरी दरों में संशोधन

राष्ट्रीय

  • वित्त वर्ष 2022 -23 के लिए, केंद्र सरकार ने हाल ही में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत मजदूरी दरों में बदलाव किए हैं।
  • इन संशोधित दरों को ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किया गया। नई संशोधित दरों में, गोवा को 7.14 प्रतिशत की वृद्धि प्राप्त हुई – जो राज्य/केंद्र शासित प्रदेश द्वारा प्राप्त उच्चतम प्रतिशत है। मजदूरी 2021 -22 में 294 रुपये प्रति दिन से बढ़कर 315 रुपये प्रति दिन हो गई।
  • मेघालय को 1.77 प्रतिशत की वृद्धि प्राप्त हुई – जो राज्य/केंद्र शासित प्रदेश द्वारा प्राप्त सबसे कम प्रतिशत है। मजदूरी 2021 -22 में 226 रुपये प्रति दिन से बढ़कर 230 रुपये प्रति दिन हो गई।
  • मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा - इन राज्यों में अभी तक कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
  • हरियाणा - राज्य/केंद्र शासित प्रदेश उच्च मजदूरी यानि प्रति दिन 331 रुपये प्रदान करता है। इसके बाद गोवा, केरल, कर्नाटक और अंडमान निकोबार द्वीप समूह का नंबर आता है।
  • मध्य प्रदेश - राज्य/केंद्र शासित प्रदेश कम मजदूरी यानि प्रति दिन 204 रुपये प्रदान करता है। इससे पहले छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और त्रिपुरा का नंबर आता था।

जानने के लिए तथ्य:

 

  • मनरेगा को 2006 में 'काम करने के अधिकार' की गारंटी के तहत लॉन्च किया गया था।
  • यह अधिनियम परिवार के वयस्क सदस्य को न्यूनतम 100 दिनों का वेतन और रोजगार प्रदान करता है।
  • इस अधिनियम के तहत महिलाओं के लिए आरक्षण: एक - तिहाई।
  • केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री: श्री नरेंद्र सिंह तोमर।
MGNREGA wages revised

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