पद्म श्री पंडित शिवकुमार शर्मा का निधन

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महान संगीतकार और संतूर वादक पंडित शिवकुमार शर्मा का 84 वर्ष की आयु में हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वह पिछले छह महीने से किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनका डायलिसिस भी चल रहा था।

संतूर जम्मू और कश्मीर का एक लोक वाद्य है और वह पहले संगीतकार हैं जिन्होंने इस वाद्य पर भारतीय शास्त्रीय संगीत बजाया है।

पद्म पुरस्कार से सम्मानित पंडित शिवकुमार शर्मा का जन्म 1938 में जम्मू में हुआ था और उन्होंने तेरह साल की उम्र में संतूर सीखना शुरू कर दिया था। 17 साल की उम्र में, उन्होंने मुंबई में अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन किया। उन्होंने 1956 की फिल्म 'झनक झनक पायल बाजे' के एक दृश्य के लिए पार्श्व-संगीत तैयार किया।

उन्होंने 1960 में अपना पहला एकल एल्बम रिकॉर्ड किया और 1967 में बांसुरीवादक हरिप्रसाद चौरसिया और गिटारवादक बृज भूषण काबरा से जुड़े प्रशंसित कॉन्सेप्ट एल्बम 'कॉल ऑफ द वैली' का निर्माण किया।

उन्हें प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान - पद्म श्री और पद्म विभूषण क्रमशः वर्ष 1991 और 2001 में प्राप्त हुए। उन्होंने वर्ष 1986 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भी जीता।

 

   परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु:

  • पद्म पुरस्कार से सम्मानित पंडित शिवकुमार शर्मा का 84 वर्ष की आयु में हृदय गति रुकने से निधन हो गया।
  • वह एक संगीतकार और संतूर वादक हैं। संतूर जम्मू और कश्मीर का एक लोक वाद्य है।
  • वह पहले संगीतकार हैं जिन्होंने संतूर के वाद्य यंत्र पर भारतीय शास्त्रीय संगीत बजाया है।
  • उन्होंने 1960 में अपना पहला एकल एल्बम रिकॉर्ड किया और 1967 में बांसुरीवादक हरिप्रसाद चौरसिया और गिटारवादक बृज भूषण काबरा के साथ मिलकर प्रशंसित कॉन्सेप्ट एल्बम 'कॉल ऑफ द वैली' का निर्माण किया।
  • उन्हें वर्ष 1991 और 2001 में प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्म श्री और पद्म विभूषण से नवाजा गया। उन्होंने वर्ष 1986 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भी जीता।

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